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Rajeev Ranjan Roy द्वारा लिखितstaff writerPratik Bhuyan द्वारा समीक्षितstaff editor

Binance API में Stock Perpetuals संकेत: पारंपरिक वित्त बाजार में दोबारा एंट्री की तैयारी

ताजा खबरेंप्रकाशितDec 13, 2025

Binance ने API में STOCK/CONTRACT सहित नए एंडपॉइंट जोड़े। संकेत मिलते हैं कि एक्सचेंज स्टॉक-पर्पेचुअल्स और समयबद्ध TradFi डेरिवेटिव्स की तैयारी कर रहा है।

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क्रिप्टो एक्सचेंज बाइनेंस ने 11 दिसंबर को API रिकॉर्ड में तीन नए एन्ड पॉइंट्स जोड़े। इनमें से एक एन्ड पॉइंट का यूआरएल पैटर्न स्टॉक/अनुबंध (STOCK/CONTRACT) है, जिससे यह संकेत मिलता है कि उपयोगकर्ता अब ट्रेडफाई-पर्प्स एग्रीमेंट कॉन्ट्रेक्ट (TradFi-Perps Agreement Contract) पर साइन कर सकते हैं, यानी संभावित स्टॉक-पर्पेचुअल्स ट्रेडिंग के लिए तैयार करना।

यह कदम बाइनेंस के 2021 में शुरू किये गए टोकनाइज्ड स्टॉक्स के पहले प्रयास की याद दिलाती है जब उसने Apple और Tesla जैसे शेयरों के डिजिटल संस्करण पेश किये थे, लेकिन नियामक चिंताओं के कारण वह पहल कुछ ही महीनों में रोक दी गई थी।

क्या है API अपडेट का असल मतलब?

एपीआई अपडेट में एक एन्ड पॉइंट ट्रेडफाई-पर्प्स एग्रीमेंट कॉन्ट्रेक्ट के लिए है। यह परपेचुअल डेरिवेटिव ट्रेडिंग की शुरुआत को इंगित करता है जहाँ ट्रेडर्स स्टॉक आधारित उत्पादन के साथ पोजीशन ले सकते हैं।

दो अन्य एन्ड पॉइंट्स उपयोगकर्ताओं को एक सप्ताह के ट्रेडिंग शेड्यूल और वर्तमान ट्रेडिंग सत्र की जानकारी देंगे। यह पारंपरिक वित्त बाजारों की तरह समयबद्ध ट्रेडिंग सत्र की ओर इशारा करता है, बजाय क्रिप्टो की 24×7 ट्रेडिंग के।

बाइनेंस की ये API बदलाव इंगित करते हैं कि बाइनेंस ने स्टॉक-लिंक्ड फाइनेंशियल उत्पादों में पुनः प्रवेश करने की योजना बनाई है, खासकर तब जब ग्लोबल एक्सचेंजेस और टोकनाइज्ड इक्विटीज़ की प्रतिस्पर्धा तेज हो रही है।

व्यापक उद्योग परिदृश्य

यह अपडेट केवल बाइनेंस तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संकेत देता है कि वैश्विक वित्तीय पारिस्थितिकी तंत्र एक व्यापक परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। क्रिप्टो उद्योग के अन्य प्रमुख मंच भी पारंपरिक वित्त और डिजिटल परिसंपत्तियों के समन्वय की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

कॉइनबेस टोकनाइज्ड शेयरों और भविष्यवाणीय बाज़ारों को शुरू करने की तैयारी में है, जिससे निवेशकों को नए प्रकार के डिजिटल निवेश के विकल्प मिल सकते हैं। वहीं नैस्डैक सहित कई पारंपरिक शेयर बाजार भी डिजिटल शेयरों के टोकनाइजेशन पर गंभीरता से कार्य कर रहे हैं, ताकि लेनदेन को अधिक पारदर्शी और कुशल बनाया जा सके।

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विकेन्द्रीकृत वित्त मंचों पर जून 2025 तक साठ से अधिक टोकनाइज्ड शेयर पहले ही जारी किए जा चुके हैं, जो इस प्रवृत्ति की बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है। इसी क्रम में क्रैकन (Kraken) जैसे अन्य एक्सचेंज भी सक्रिय हैं।

क्रैकन ने बैक्ड फाइनेंस का अधिग्रहण कर टोकनाइज्ड परिसंपत्तियों के क्षेत्र में अपनी क्षमता को और मजबूत किया है। यह समूचा परिदृश्य दर्शाता है कि वित्तीय बाजार तेजी से डिजिटल और टोकन आधारित भविष्य की ओर बढ़ रहे हैं।

नियामक चुनौतियाँ और जोखिम

टोकनाइज्ड स्टॉक्स और ट्रेडिशनल फाइनेंस उत्पादों के विस्तार के साथ नियामक चिंताएँ भी बढ़ी हैं। Citadel Securities ने अमेरिकी SEC से टोकनाइज्ड स्टॉक ट्रेडिंग पर कड़ी नियमावली लागू करने का अनुरोध किया है, यह कहते हुए कि DeFi प्लेटफॉर्म एक्सचेंज या ब्रोकर-डीलर जैसी भूमिकाएँ निभा सकते हैं।

वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ़ ऐक्सचैंजेस (WFE) ने टोकनाइजेशन को प्राकृतिक उन्नति के रूप में स्वीकार किया है, लेकिन इसके लिए कड़े निवेशक सुरक्षा प्रोटोकॉल और बाज़ार अखंडता की आवश्यकता पर जोर दिया है।

बाइनेंस ने अभी तक इन API अपडेट पर कोई आधिकारिक प्रोडक्ट लॉन्च की घोषणा नहीं की है, जिससे निवेशकों और बाजार विश्लेषकों के बीच अटकलबाज़ी बनी हुई है।

क्या यह बदलाव बाइनेंस के लिए गेम-चेंजर साबित होगा?

यह कदम बाइनेंस को न केवल क्रिप्टो डेरिवेटिव खिलाड़ी के रूप में मजबूत करेगा, बल्कि ट्रेडिशनल फाइनेंस और डिजिटल एसेट्स के संकरित बाजार में भी प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करेगा।

यदि बाइनेंस सफलतापूर्वक स्टॉक-पर्पेचुअल्स और टोकनाइज्ड शेयर उत्पाद पेश करता है, तो यह ट्रेडर्स को अधिक विकल्प देगा, पारंपरिक निवेशकों को क्रिप्टो दुनिया में लाएगा और वैश्विक बाजारों में Binance के प्रभाव को बढ़ावा देगा।

लेकिन नियामक मंजूरी, निवेशक सुरक्षा और बाज़ार संरचना जैसे मुद्दे इस प्रोजेक्ट की सफलता के लिए निर्णायक होंगे।

निष्कर्ष

बाइनेंस का API अपडेट केवल तकनीकी बदलाव नहीं है, बल्कि यह संकेत है कि डिजिटल एसेट बाजार एक नए चरण में प्रवेश कर रहा है जहाँ क्रिप्टो और वास्तविक दुनिया के वित्त के बीच दीवारें धूमिल हो रही है।

हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि बाइनेंस कब और कैसे स्टॉक-पर्पेचुअल्स को लॉन्च करेगा, लेकिन इस दिशा में उठाए गए कदम ने वित्तीय दुनिया में भविष्य के संभावित उत्पादों और प्रतिस्पर्धा के द्वार खोल दिए हैं।

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