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Pratik Bhuyan
लेखक: Pratik Bhuyanस्टाफ संपादक
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DeFi प्लेटफॉर्म Balancer की डेवलपमेंट कंपनी बंद होगी, लेकिन प्रोटोकॉल चलता रहेगा

DeFi प्लेटफॉर्म Balancer को विकसित करने वाली कंपनी Balancer Labs बंद हो रही है। हालांकि Balancer प्रोटोकॉल समुदाय और DAO के जरिए चलता रहेगा।

DeFi प्लेटफॉर्म Balancer की डेवलपमेंट कंपनी बंद होगी, लेकिन प्रोटोकॉल चलता रहेगा
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क्रिप्टो और विकेंद्रीकृत वित्त (DeFi) सेक्टर से एक बड़ी खबर सामने आई है। लोकप्रिय DeFi प्रोटोकॉल Balancer को विकसित करने वाली कंपनी Balancer Labs ने अपने संचालन को बंद करने का फैसला किया है। हालांकि कंपनी बंद होगी, लेकिन Balancer प्रोटोकॉल पहले की तरह चलता रहेगा और इसका संचालन समुदाय तथा फाउंडेशन के जरिए जारी रहेगा।

यह फैसला पिछले साल हुए एक बड़े साइबर हमले और बढ़ते वित्तीय दबाव के बाद लिया गया है। Balancer टीम का कहना है कि मौजूदा ढांचे में कंपनी को चलाना अब संभव नहीं रहा।

साइबर हमले के बाद बढ़ा दबाव

नवंबर 2025 में Balancer के V2 प्रोटोकॉल में एक सुरक्षा खामी का फायदा उठाकर हैकर्स ने लगभग 110 से 128 मिलियन डॉलर की डिजिटल संपत्ति चुरा ली थी। इस घटना ने प्रोजेक्ट की साख और वित्तीय स्थिति दोनों पर बड़ा असर डाला।

हैक के बाद प्रोटोकॉल में जमा कुल संपत्ति यानी टोटल वैल्यू लॉक्ड में भी तेज गिरावट आई। पहले Balancer में अरबों डॉलर की संपत्ति लॉक रहती थी, लेकिन समय के साथ यह राशि काफी कम हो गई।

विशेषज्ञों का कहना है कि सुरक्षा घटना के बाद निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ और प्लेटफॉर्म पर लिक्विडिटी कम होने लगी।

संस्थापक ने बताया फैसला क्यों लिया

Balancer के सह-संस्थापक फर्नांडो मार्टिनेली ने एक पोस्ट में कहा कि कंपनी को बंद करने का फैसला आसान नहीं था, लेकिन मौजूदा स्थिति में यह जरूरी हो गया था। उनके अनुसार Balancer Labs अब प्रोटोकॉल के लिए मददगार नहीं बल्कि एक बोझ बन गई थी।

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कंपनी के अधिकारियों ने यह भी माना कि प्रोटोकॉल में लिक्विडिटी बनाए रखने के लिए काफी खर्च किया जा रहा था, जबकि उससे होने वाली कमाई उतनी नहीं थी। इससे BAL टोकन रखने वाले निवेशकों पर भी दबाव बढ़ रहा था।

प्रोटोकॉल रहेगा सक्रिय

हालांकि Balancer Labs बंद होगी, लेकिन Balancer प्रोटोकॉल को पूरी तरह बंद नहीं किया जा रहा है। आगे इसका संचालन Balancer Foundation, DAO और अन्य सहयोगी संस्थाओं के जरिए किया जाएगा।

DAO यानी डीसेंट्रलाइज्ड ऑटोनॉमस ऑर्गेनाइजेशन एक ऐसा मॉडल है जिसमें निर्णय समुदाय के वोट के आधार पर लिए जाते हैं। इससे प्रोजेक्ट को अधिक विकेंद्रीकृत तरीके से चलाने में मदद मिलती है।

नई योजना के तहत प्रोटोकॉल की आर्थिक व्यवस्था में भी बदलाव किए जाएंगे। प्रस्तावों में BAL टोकन के नए वितरण को रोकना, कुछ पुराने टोकन मैकेनिज्म खत्म करना और प्लेटफॉर्म की फीस सीधे DAO ट्रेजरी में भेजना शामिल है।

कभी DeFi सेक्टर का बड़ा नाम था Balancer

Balancer को DeFi सेक्टर के शुरुआती बड़े प्रोजेक्ट्स में गिना जाता है। 2020 और 2021 के क्रिप्टो बूम के दौरान यह एक प्रमुख विकेंद्रीकृत एक्सचेंज प्रोटोकॉल था। उस समय इसके प्लेटफॉर्म पर लॉक की गई कुल संपत्ति करीब 3.3 अरब डॉलर तक पहुंच गई थी।

लेकिन बाद में बाजार में गिरावट, प्रतिस्पर्धा और सुरक्षा समस्याओं के कारण इसकी स्थिति कमजोर होती गई।

DeFi सेक्टर के लिए संकेत

विश्लेषकों का मानना है कि Balancer Labs का बंद होना DeFi उद्योग में बदलती परिस्थितियों का संकेत है। कई प्रोजेक्ट अब पारंपरिक कंपनी संरचना की जगह अधिक विकेंद्रीकृत मॉडल अपनाने की कोशिश कर रहे हैं।

साथ ही यह घटना यह भी दिखाती है कि बड़े साइबर हमले और आर्थिक दबाव किसी भी क्रिप्टो प्रोजेक्ट की दिशा बदल सकते हैं। हालांकि Balancer का प्रोटोकॉल अभी भी सक्रिय रहेगा, लेकिन आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि समुदाय आधारित मॉडल इसे फिर से मजबूत बना पाता है या नहीं।

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