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Rajeev Ranjan Roy द्वारा लिखितstaff writerPratik Bhuyan द्वारा समीक्षितstaff editor

Aptos Labs ने भविष्य के लिए सुरक्षा को मजबूत करने हेतु पोस्ट-क्वांटम सिग्नेचर प्रस्ताव AIP-137 पेश किया

ताजा खबरेंप्रकाशितDec 20, 2025

Aptos Labs ने AIP-137 नामक एक नया प्रस्ताव पेश किया है, जिसमें ब्लॉकचेन सुरक्षा को क्वांटम कंप्यूटिंग खतरों से बचाने के लिए ऑप्शनल पोस्ट-क्वांटम सिग्नेचर तकनीक शामिल होगी।

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क्रिप्टोकरेंसी और ब्लॉकचेन नेटवर्क एप्टोस ने हाल ही में एक नया तकनीकी प्रस्ताव AIP-137 पेश किया है, जिसका उद्देश्य नेटवर्क की सुरक्षा को भविष्य सिद्ध बनाना है ताकि वह क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे उभरते खतरों का सामना कर सके।

यह प्रस्ताव एप्टोस लैब्स के क्रिप्टोग्राफी विशेषज्ञों द्वारा तैयार किया गया है और यदि समुदाय द्वारा अनुमोदित हो जाता है, तो यह एप्टोस को उन अग्रणी ब्लॉकचेन प्लेटफॉर्मों में से एक बना देगा जो पोस्ट-क्वांटम सुरक्षा समाधान को मूल रूप में प्रदान करते हैं।

ब्लॉकचेन नेटवर्क की मौजूदा सुरक्षा

ब्लॉकचेन नेटवर्क की मौजूदा सुरक्षा डिजिटल सिग्नेचर पर आधारित होती है, जो डिजिटल लेन-देनों और खातों के मालिकों की पहचान को सुनिश्चित करती है। हालांकि, वर्तमान क्रिप्टोग्राफिक स्कीम क्लासिकल (सामान्य) कंप्यूटरों के खिलाफ मजबूत सुरक्षा देती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में क्वांटम कंप्यूटर पर्याप्त शक्ति प्राप्त कर लेंगे और ये सिग्नेचर सिस्टम दोषपूर्ण या आसानी से तोड़े जा सकेंगे। इसका मतलब यह है कि आज सुरक्षित मानी जाने वाली तकनीक भविष्य में असुरक्षित हो सकती है।

एआईपी-137 प्रस्ताव

एआईपी-137 प्रस्ताव के तहत SLH-DSA नामक एक हैश आधारित पोस्ट-क्वांटम डिजिटल सिग्नेचर स्कीम को शामिल करने की योजना है, जिसे FIPS 205 मानक के रूप में मान्यता मिली है।

यदि ब्लॉकचेन के टोकन धारकों द्वारा यह प्रस्ताव स्वीकार कर लिया जाता है, तो यह तकनीक खातों के स्तर पर वैकल्पिक रूप से उपलब्ध होगी, जिससे उपयोगकर्ता अपनी इच्छा के अनुसार पोस्ट-क्वांटम सुरक्षा अपनाना चुन सकते हैं।

हालाँकि वर्तमान खातों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा और पारंपरिक Ed25519 सिग्नेचर स्कीम वैसे ही कार्य करती रहेगी।

‘क्वांटम कंप्यूटिंग कोई दूर का डर नहीं’

एप्टोस लैब्स ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कहा है कि “क्वांटम कंप्यूटिंग अब कोई दूर का डर नहीं रहा।” उन्होंने IBM जैसी कंपनियों द्वारा क्वांटम टेक्नोलॉजी के तेजी से विकास और मानक और प्रौद्योगिकी का राष्ट्रीय संस्थान (National Institute of Standards and Technology) द्वारा पोस्ट-क्वांटम क्रिप्टोग्राफी मानकों के प्रकाशन की ओर संकेत किया है।

एप्टोस लैब्स यह भी बताया कि “क्रिप्टोग्राफिक रूप से प्रासंगिक क्वांटम कंप्यूटर (CRQCs)” वर्तमान सिग्नेचर मॉडल को कमजोर कर सकते हैं, जिससे ब्लॉकचेन नेटवर्क की सुरक्षा पर दीर्घकालिक प्रभाव पड़ सकता है।

एप्टोस का यह कदम ब्लॉकचेन उद्योग में एक बढ़ती प्रवृत्ति का हिस्सा है, जहां कई नेटवर्क भविष्य के क्वांटम खतरों के प्रति सजग हो रहे हैं। उदाहरण के लिए, सोलाना ने एक परीक्षण नेटवर्क पर क्वांटम-प्रतिरोधी सिग्नेचर सिस्टम को लागू किया है, जो यह जांचने में मदद करता है कि क्या क्वांटम-प्रतिरोधी लेन-देन वर्तमान नेटवर्क पर स्थिरता से काम कर सकते हैं।

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जबकि कुछ विशेषज्ञ मानते हैं कि क्वांटम कंप्यूटर का खतरनाक प्रभाव अभी कई वर्षों या दशक दूर है, एप्टोस जैसी परियोजनाएं इस जोखिम से पहले ही निपटने के लिए तैयार हो रही हैं।

एप्टोस लैब्स के क्रिप्टोग्राफी प्रमुख एलिन टोमेस्कु (Alin Tomescu) ने संकेत दिया है कि AIP-137 एक सतर्क और दीर्घकालिक तैयारी है, जिसे संभावित तकनीकी उन्नति के लिए पहले से अपनाया जाना चाहिए ताकि जरूरत पड़ने पर नेटवर्क जल्द से जल्द प्रतिक्रिया दे सके।

इसके अलावा, एप्टोस नेटवर्क की डिजाइन इसे विकेंद्रीकरण और स्मार्ट अनुबंध क्षमता प्रदान करती है, जिससे यह इथेरियम, सोलाना और अन्य प्रमुख लेयर-1 ब्लॉकचेन के साथ प्रतिस्पर्धा कर रहा है।

इस नवीनतम प्रस्ताव से न केवल सुरक्षा को बेहतर बनाने का प्रयास हो रहा है, बल्कि यह यह भी दिखाता है कि एप्टोस समुदाय तकनीकी नवाचार को प्राथमिकता दे रहा है।

क्रिप्टो उद्योग में इस तरह के कदम का अर्थ यह है कि तकनीकी टीमें न केवल मौजूदा खतरों से निपटने की कोशिश कर रही हैं, बल्कि भविष्य में आने वाली चुनौतियों के प्रति भी अग्रिम तैयारी कर रही हैं।

यह रुझान उपभोक्ताओं और संस्थागत निवेशकों के लिए भी एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है, क्योंकि यह दिखाता है कि ब्लॉकचेन नेटवर्क दीर्घकालिक सुरक्षा और स्थिरता के लिए गंभीर कदम उठा रहा है।

निष्कर्ष

एप्टोस लैब्स के AIP-137 प्रस्ताव ने ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी में एक महत्वपूर्ण मोड़ की शुरुआत की है, जहां क्वांटम कंप्यूटिंग के संभावित खतरों का समाधान समय रहते किया जा रहा है। यदि यह प्रस्ताव सफल होता है, तो एप्टोस पहले ऐसे प्रमुख नेटवर्कों में से एक बन जाएगा जो खुद को पोस्ट-क्वांटम सुरक्षा के लिए तैयार कर चुका है।

यह केवल तकनीकी उन्नति नहीं है, बल्कि यह ब्लॉकचेन सुरक्षा के भविष्य की दिशा को भी संकेत करता है।

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