
Bitcoin दो हफ्तों के निचले स्तर पर फिसला, $500 मिलियन से ज्यादा की क्रिप्टो पोजिशन हुई साफ
Bitcoin दो हफ्तों के निचले स्तर पर पहुंच गया है जबकि क्रिप्टो बाजार में $500 मिलियन से ज्यादा की liquidations हुई हैं। जानिए बाजार में अचानक आई इस गिरावट के पीछे क्या कारण हैं।

क्रिप्टो बाजार में सोमवार को तेज गिरावट देखने को मिली, जहां Bitcoin दो हफ्तों के अपने सबसे निचले स्तर तक पहुंच गया। बाजार में अचानक आई बिकवाली के बीच कुछ ही घंटों में $500 मिलियन से ज्यादा की leveraged positions liquidate हो गईं। इस भारी गिरावट का असर केवल Bitcoin तक सीमित नहीं रहा, बल्कि Ethereum समेत ज्यादातर बड़े altcoins भी दबाव में आ गए।
मार्केट डेटा के अनुसार Bitcoin की कीमत गिरकर करीब $76,700 तक पहुंच गई, जो पिछले दो हफ्तों का सबसे निचला स्तर माना जा रहा है। Analysts का कहना है कि macroeconomic uncertainty, कमजोर risk appetite और बड़े पैमाने पर leveraged trading इस गिरावट के पीछे अहम कारण रहे।
कुछ मिनटों में साफ हुई करोड़ों की पोजिशन
Crypto analytics platforms के मुताबिक बाजार में आई तेज गिरावट के दौरान केवल 15 मिनट के भीतर लगभग $500 मिलियन की bullish positions खत्म हो गईं। इनमें ज्यादातर long trades शामिल थीं, जहां traders ने कीमत बढ़ने की उम्मीद में बड़े दांव लगाए थे।
विशेषज्ञों के मुताबिक जब बाजार तेजी से नीचे जाता है, तो leveraged trades पर margin calls शुरू हो जाते हैं। इससे automated selling बढ़ती है और गिरावट और तेज हो जाती है। Crypto market में इसे “liquidation cascade” कहा जाता है।
Bitcoin के साथ Ethereum, Solana, XRP और Dogecoin जैसे दूसरे बड़े tokens में भी कमजोरी दर्ज की गई। कई altcoins में 5 से 10 प्रतिशत तक की गिरावट देखी गई।
अमेरिकी आर्थिक माहौल का भी असर
Market analysts का कहना है कि crypto market पर इस समय global macro factors का सीधा असर पड़ रहा है। अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर uncertainty और geopolitical tensions ने risk assets पर दबाव बढ़ा दिया है।
विशेषज्ञों के मुताबिक Bitcoin की यह गिरावट केवल crypto-specific issue नहीं है, बल्कि broader macro story का हिस्सा है। Investors फिलहाल ज्यादा risk लेने से बच रहे हैं और safer assets की तरफ झुकाव बढ़ रहा है। इसका असर Bitcoin जैसे volatile assets पर तेजी से दिखाई देता है।
ETF Outflows ने बढ़ाई चिंता
हालिया गिरावट के पीछे एक और बड़ा कारण Spot Bitcoin ETFs से निकासी को भी माना जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार पिछले हफ्ते अमेरिकी spot Bitcoin ETFs से $1 बिलियन से ज्यादा का outflow दर्ज किया गया। यह जनवरी के बाद पहली बार था जब इतनी बड़ी निकासी देखने को मिली।
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ETF inflows पिछले कुछ महीनों से Bitcoin rally के बड़े drivers में शामिल रहे हैं। ऐसे में जब institutional investors पैसे निकालना शुरू करते हैं, तो बाजार sentiment कमजोर पड़ सकता है। विश्लेषकों का कहना है कि अगर ETF demand में और गिरावट आती है, तो short-term volatility बनी रह सकती है।
Altcoins पर ज्यादा दबाव
Bitcoin में कमजोरी का असर पूरे crypto market पर पड़ा। Ethereum में करीब 3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई, जबकि कई छोटे tokens में इससे ज्यादा गिरावट देखी गई।
Market experts के अनुसार altcoins आमतौर पर Bitcoin से ज्यादा volatile होते हैं। जब BTC में तेज गिरावट आती है, तो investors पहले high-risk assets से पैसा निकालते हैं। इसी वजह से छोटे crypto tokens पर दबाव और ज्यादा बढ़ जाता है।
कुछ analysts का मानना है कि market अभी भी overleveraged बना हुआ है और अगर volatility जारी रहती है, तो आगे भी liquidation events देखने को मिल सकते हैं।
निवेशकों के लिए क्या संकेत
विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा गिरावट यह दिखाती है कि crypto market अब भी काफी sensitive और volatile बना हुआ है। High leverage trading छोटे price moves को भी बड़े market crashes में बदल सकती है।
हाल के वर्षों में कई बड़े liquidation events देखने को मिले हैं, जिनमें billions of dollars की positions साफ हुईं। Analysts का कहना है कि automated trading systems और excessive leverage volatility को और बढ़ा सकते हैं।
फिलहाल निवेशकों की नजर अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों, ETF flows और Bitcoin के अगले support levels पर बनी हुई है। Analysts का मानना है कि आने वाले कुछ सप्ताह crypto market के लिए बेहद अहम साबित हो सकते हैं।
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