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Rajeev Ranjan Roy द्वारा लिखितstaff writerPratik Bhuyan द्वारा समीक्षितstaff editor

जापानी बॉन्ड संकट के बीच बिटकॉइन में गिरावट, क्रिप्टो मार्केट में $225 अरब का नुकसान

बाजारप्रकाशितJan 22, 2026

जनवरी 2026 के सारे मुनाफे गंवाए बिटकॉइन ने; जापानी बॉन्ड रिटर्न और ग्लोबल रिस्क-ऑफ सेंटिमेंट के चलते क्रिप्टो में भारी बिकवाली और $1.8 अरब की लिक्विडेशन।

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क्रिप्टोकरेंसी बाजार में एक बार फिर तेज बिकवाली देखने को मिली है। दुनिया की सबसे बड़ी डिजिटल संपत्ति बिटकॉइन (BTC) का मूल्य $88,000 के स्तर से नीचे फिसल गया है, जिसके साथ ही वर्ष 2026 के जनवरी महीने में दर्ज किए गए सभी लाभ पूरी तरह समाप्त हो गए हैं। वैश्विक निवेशकों के बीच बढ़ती बेचैनी, जापान के सरकारी बॉन्ड बाजार में उभरे संकट और समग्र आर्थिक अनिश्चितता ने जोखिम वाली परिसंपत्तियों पर भारी दबाव बना दिया है।

बिटकॉइन की कीमत में गिरावट

पिछले 48 घंटों के दौरान बिटकॉइन की कीमत में लगभग 4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। इस तेज़ गिरावट के चलते क्रिप्टो डेरिवेटिव बाजार में $1.8 अरब से अधिक की पोजीशनें लिक्विडेट हो गईं।

आंकड़ों के मुताबिक, इनमें से करीब 93 प्रतिशत पोजीशनें ‘लॉन्ग’ थीं यानी अधिकांश निवेशक कीमतों में तेजी की उम्मीद लगाए बैठे थे। अचानक आई गिरावट ने इन अनुमानों को झटका दिया और बाजार में भय का माहौल पैदा कर दिया।

इस बिकवाली का असर यह रहा कि बिटकॉइन अपने 2026 के हालिया उच्च स्तर से लगभग 10 प्रतिशत नीचे आ गया और कीमतें दिसंबर के अंत में देखे गए स्तरों के आसपास पहुंच गईं।

विश्लेषकों का कहना है कि यह गिरावट केवल तकनीकी कारणों से नहीं, बल्कि व्यापक वैश्विक वित्तीय घटनाक्रमों का परिणाम है।

जापानी सरकारी बॉन्ड बाजार में उथल-पुथल

विशेषज्ञों के अनुसार, मौजूदा अस्थिरता का प्रमुख कारण जापानी सरकारी बॉन्ड (JGB) बाजार में आई उथल-पुथल है। जापान की 10-साल और 30-साल की सरकारी बॉन्ड यील्ड्स में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिसने वैश्विक पूंजी प्रवाह की दिशा बदल दी है। लंबे समय से बेहद कम ब्याज दरों के लिए जाने जाने वाले जापान में बॉन्ड यील्ड का अचानक बढ़ना निवेशकों के लिए एक बड़ा संकेत माना जा रहा है।

बॉन्ड यील्ड में तेजी का सीधा मतलब यह है कि सुरक्षित माने जाने वाले सरकारी बॉन्ड अब अपेक्षाकृत बेहतर रिटर्न देने लगे हैं। ऐसे में निवेशकों का एक बड़ा वर्ग जोखिम भरी परिसंपत्तियों, जैसे शेयर और क्रिप्टोकरेंसी, से पूंजी निकालकर सुरक्षित विकल्पों की ओर बढ़ रहा है। यही प्रवृत्ति बिटकॉइन सहित पूरे क्रिप्टो बाजार पर दबाव बना रही है।

इस बिकवाली का असर सिर्फ बिटकॉइन तक सीमित नहीं रहा। मौजूदा गिरावट के चलते वैश्विक क्रिप्टोकरेंसी बाजार का कुल मूल्यांकन घटकर लगभग $3.08 ट्रिलियन पर आ गया है, जो मध्य-नवंबर के बाद का सबसे बड़ा संकुचन माना जा रहा है।

ईथर, सोलाना और अन्य प्रमुख डिजिटल टोकन भी दबाव में

ईथर, सोलाना और अन्य प्रमुख डिजिटल टोकन भी दबाव में रहे, जिससे पूरे बाजार में नकारात्मक माहौल बन गया। विश्लेषकों का कहना है कि मौजूदा गिरावट के पीछे कई संरचनात्मक कारण काम कर रहे हैं।

जापान के 10-साल के सरकारी बॉन्ड यील्ड में आई तेज़ी ने वैश्विक निवेश रणनीतियों को प्रभावित किया है। लंबे समय तक शून्य या नकारात्मक ब्याज दरों पर आधारित रणनीतियाँ अब कमजोर पड़ती दिख रही है।

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क्रिप्टो बाजार में हाल के दिनों में ट्रेडिंग वॉल्यूम अपेक्षाकृत कम रहा है। कम तरलता वाले माहौल में जब बड़ी बिकवाली आती है, तो कीमतों में गिरावट कहीं अधिक तेज़ हो जाती है।

वैश्विक जोखिम-विरोधी रुख

अमेरिकी मौद्रिक नीति को लेकर अनिश्चितता, भू-राजनीतिक तनाव और बॉन्ड बाजार में अस्थिरता ने निवेशकों को सतर्क बना दिया है। नतीजतन, सोना और सॉवरेन बॉन्ड जैसी सुरक्षित परिसंपत्तियों की मांग बढ़ रही है।

इसके अलावा, कई बाजार विश्लेषक इस गिरावट को वैश्विक “कैरी ट्रेड” के कमजोर पड़ने से भी जोड़कर देख रहे हैं। वर्षों तक निवेशकों ने कम ब्याज दर वाले देशों से सस्ता कर्ज लेकर उच्च जोखिम और उच्च रिटर्न वाली परिसंपत्तियों में निवेश किया।

अब जब जापान जैसे देशों में भी बॉन्ड यील्ड बढ़ रही है, तो यह मॉडल दबाव में आ गया है, जिसका असर क्रिप्टो जैसे जोखिमपूर्ण बाजारों पर साफ दिखाई दे रहा है।

तकनीकी दृष्टि से भी संकेत उत्साहजनक नहीं हैं। प्रमुख क्रिप्टो एक्सचेंजों और डेटा प्लेटफॉर्म्स के अनुसार, बिटकॉइन ने 50 दिन की एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) का अहम सपोर्ट स्तर तोड़ दिया है। तकनीकी विश्लेषण में इसे कमजोरी का संकेत माना जाता है और इससे अल्पकाल में और गिरावट की आशंका बढ़ जाती है।

निष्कर्ष

बिटकॉइन और व्यापक क्रिप्टोकरेंसी बाजार में आई यह गिरावट एक बार फिर यह रेखांकित करती है कि डिजिटल संपत्तियाँ अब वैश्विक वित्तीय प्रणाली से गहराई से जुड़ चुकी हैं। माइक्रो-लेवल कारकों से अधिक, मैक्रो-आर्थिक घटनाक्रम, विशेष रूप से बॉन्ड बाजार और मौद्रिक नीतियाँ, क्रिप्टो की दिशा तय कर रही है।

मौजूदा हालात में विशेषज्ञ निवेशकों को सतर्क रहने, जोखिम प्रबंधन पर ध्यान देने और बाजार की तरलता को ध्यान में रखकर रणनीति बनाने की सलाह दे रहे हैं। यह गिरावट केवल क्रिप्टो बाजार की कहानी नहीं है, बल्कि वैश्विक जोखिम परिसंपत्तियों में बदलती निवेश धारणा का संकेत भी है जो आने वाले समय में बाजार की दिशा को और प्रभावित कर सकती है।

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यह लेख Cointelegraph की Editorial Policy के अनुसार तैयार किया गया है और केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। यह निवेश सलाह या अनुशंसाएं नहीं है। सभी निवेश और व्यापार में जोखिम होता है; पाठकों को स्वतंत्र शोध करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।

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