अमेरिका के प्रमुख बैंकिंग संस्थानों में से एक JPMorgan चेस पर $328 मिलियन (करीब 2700 करोड़ रुपये) के कथित क्रिप्टो पोंजी घोटाले में भूमिका निभाने के आरोप लगे हैं। इस मामले में दो हजार से अधिक निवेशकों ने संयुक्त रूप से मुकदमा दायर किया है और दावा किया है कि बैंक ने संदिग्ध वित्तीय गतिविधियों के बावजूद कार्रवाई नहीं की। मामला अमेरिका के कैलिफ़ोर्निया के उत्तरी जिला न्यायालय में दायर किया गया है।
निवेशकों का आरोप है कि बैंक ने अपनी बैंकिंग व्यवस्था के माध्यम से उस वित्तीय ढांचे को उपलब्ध कराया, जिसकी वजह से कथित धोखाधड़ी लंबे समय तक चलती रही।
गोलियाथ वेंचर्स पर आरोप
यह कथित घोटाला अमेरिकी क्रिप्टो निवेश कंपनी गोलियाथ वेंचर्स से जुड़ा है, जिसने निवेशकों को डिजिटल मुद्रा से जुड़े निवेश अवसरों के नाम पर बड़े मुनाफे का वादा किया था। कंपनी ने दावा किया था कि वह क्रिप्टो व्यापार, तरलता पूल और बिटकॉइन खनन जैसी गतिविधियों के जरिए निवेशकों को ऊंचा प्रतिफल देगी।
आरोप है कि वर्ष 2023 से 2026 के बीच कंपनी ने अमेरिका समेत कई क्षेत्रों के दो हजार से अधिक निवेशकों से कम से कम $328 मिलियन जुटाए। बाद में जांच में सामने आया कि इस धन का बड़ा हिस्सा वास्तविक निवेश के बजाय व्यक्तिगत खर्चों और पुराने निवेशकों को भुगतान करने में लगाया गया।
कंपनी प्रमुख की गिरफ्तारी
इस मामले में कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रिस्टोफर अलेक्जेंडर डेलगाडो को फरवरी 2026 में संघीय अधिकारियों ने गिरफ्तार कर लिया। उन पर तार धोखाधड़ी और धन शोधन जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिनमें दोषी पाए जाने पर उन्हें 30 वर्ष तक की सजा हो सकती है।
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अमेरिकी जांच एजेंसियों का कहना है कि कंपनी ने निवेशकों को मासिक लाभ का झूठा भरोसा दिया और नई रकम से पुराने निवेशकों को भुगतान कर पोंजी ढांचा चलाया। आरोप यह भी है कि आरोपी ने निवेशकों के पैसे से महंगी गाड़ियां, आभूषण और अचल संपत्ति खरीदी।
बैंक पर क्या आरोप है?
निवेशकों के मुकदमे में दावा किया गया है कि JPMorgan के खातों के माध्यम से बड़ी मात्रा में धन का प्रवाह हुआ, जिसमें लगभग $253 मिलियन तक की राशि एक ही बैंक खाते से होकर गुजरी। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि बैंक को इन असामान्य लेनदेन पर ध्यान देना चाहिए था।
मुकदमे में यह भी कहा गया है कि बैंक ने कई चेतावनी संकेतों को नजरअंदाज किया और कंपनी को अपनी बैंकिंग सेवाओं का उपयोग जारी रखने दिया, जिससे निवेशकों का नुकसान बढ़ता गया।
पोंजी योजना क्या होती है?
वित्तीय दुनिया में पोंजी योजना एक प्रकार की धोखाधड़ी होती है, जिसमें नए निवेशकों से प्राप्त धन से पुराने निवेशकों को भुगतान किया जाता है और वास्तविक लाभ का स्रोत नहीं होता। आमतौर पर ऐसे निवेश में असामान्य रूप से ऊंचे और लगभग जोखिम-मुक्त लाभ का लालच दिया जाता है।
निष्कर्ष
JPMorgan के खिलाफ दायर यह मुकदमा वैश्विक वित्तीय प्रणाली और डिजिटल संपत्ति बाजार में जवाबदेही पर नए सवाल खड़े कर रहा है। यदि अदालत में आरोप साबित होते हैं, तो यह मामला न केवल बैंकिंग निगरानी की सीमाओं को उजागर करेगा बल्कि क्रिप्टो निवेश से जुड़े जोखिमों पर भी वैश्विक बहस को तेज कर सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों से निवेशकों की सुरक्षा के लिए कड़े नियम और पारदर्शिता की आवश्यकता और स्पष्ट हो जाती है।
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