Cointelegraph
Pratik Bhuyan
लेखक: Pratik Bhuyanस्टाफ संपादक
Pratik Bhuyan
Pratik Bhuyan द्वारा समीक्षितस्टाफ संपादक

मई के पहले हफ्ते में भारत में क्रिप्टो ठगी से 3 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान

भारत में मई 2026 के पहले हफ्ते में क्रिप्टो स्कैम से 3 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान। जानिए कैसे हो रही है यह डिजिटल ठगी।

मई के पहले हफ्ते में भारत में क्रिप्टो ठगी से 3 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान
ताज़ा ख़बर

भारत में क्रिप्टो से जुड़ी ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। मई 2026 के पहले ही हफ्ते में देशभर में क्रिप्टो स्कैम से लोगों को 3 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ है। अलग अलग राज्यों से सामने आए मामलों ने साइबर सुरक्षा और डिजिटल निवेश को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया, फर्जी ट्रेडिंग ऐप और नकली निवेश योजनाएं लोगों को तेजी से निशाना बना रही हैं। कई मामलों में ठग पहले छोटे मुनाफे का लालच देकर भरोसा जीतते हैं और बाद में बड़ी रकम लेकर गायब हो जाते हैं।

कैसे काम कर रहे हैं ठग

हाल के मामलों में सामने आया है कि साइबर अपराधी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और मैसेजिंग ऐप के जरिए लोगों से संपर्क करते हैं।

वे खुद को निवेश सलाहकार या क्रिप्टो एक्सपर्ट बताकर फर्जी प्लेटफॉर्म पर निवेश करने के लिए कहते हैं। शुरुआत में पीड़ितों को थोड़ा मुनाफा दिखाया जाता है ताकि उनका भरोसा बढ़े।

इसके बाद बड़ी रकम निवेश करवाकर निकासी रोक दी जाती है या अतिरिक्त शुल्क मांगा जाता है। कई मामलों में ऐप और वेबसाइट अचानक बंद हो जाते हैं।

अलग अलग शहरों से सामने आए मामले

अहमदाबाद में एक कलाकार से करीब 27 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया। रिपोर्ट के अनुसार, उसे सोशल मीडिया के जरिए संपर्क कर फर्जी क्रिप्टो प्लेटफॉर्म पर निवेश के लिए तैयार किया गया था। बाद में वह अपनी रकम वापस नहीं निकाल पाया।

हैदराबाद में भी एक कारोबारी से 1.5 करोड़ रुपये से ज्यादा की धोखाधड़ी की गई। यहां भी फर्जी ट्रेडिंग पोर्टल और बड़े रिटर्न का लालच इस्तेमाल किया गया।

विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में अपराधी अक्सर अंतरराज्यीय नेटवर्क के जरिए काम करते हैं, जिससे उन्हें पकड़ना मुश्किल हो जाता है।

डिजिटल अरेस्ट और क्रिप्टो का नया खतरा

हाल के महीनों में “डिजिटल अरेस्ट” जैसे साइबर अपराध भी तेजी से बढ़े हैं। इसमें ठग खुद को पुलिस, जांच एजेंसी या सरकारी अधिकारी बताकर लोगों को डराते हैं और पैसे ट्रांसफर करवाते हैं।

क्या आप जानते हैं: AMINA बना Canton Coin को कस्टडी देने वाला पहला रेगुलेटेड बैंक

कई मामलों में इन पैसों को बाद में क्रिप्टोकरेंसी के जरिए ट्रांसफर किया जाता है, ताकि लेनदेन को ट्रैक करना मुश्किल हो जाए। साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि क्रिप्टो की गुमनामी अपराधियों के लिए इसे आकर्षक बनाती है।

क्यों बढ़ रहे हैं ऐसे मामले

भारत में डिजिटल निवेश तेजी से बढ़ा है और बड़ी संख्या में नए लोग क्रिप्टो बाजार में प्रवेश कर रहे हैं। लेकिन कई निवेशकों को सुरक्षा उपायों और असली प्लेटफॉर्म की पहचान की पर्याप्त जानकारी नहीं होती। इसी कमजोरी का फायदा ठग उठा रहे हैं।

इसके अलावा, जल्दी मुनाफा कमाने की चाह भी लोगों को जोखिम भरे निवेश की ओर धकेल रही है। सरकारी एजेंसियां लगातार साइबर धोखाधड़ी को लेकर चेतावनी जारी कर रही हैं।

भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र यानी I4C ने भी डिजिटल वित्तीय धोखाधड़ी को लेकर जागरूकता अभियान चलाए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में डिजिटल फ्रॉड से देशभर में भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि केवल कानून पर्याप्त नहीं होंगे, बल्कि लोगों को भी सतर्क रहना होगा।

खुद को कैसे सुरक्षित रखें

साइबर विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि किसी भी अनजान लिंक, ऐप या निवेश योजना पर भरोसा न करें।

केवल भरोसेमंद और पंजीकृत प्लेटफॉर्म का ही उपयोग करें। अगर कोई बहुत ज्यादा मुनाफे का वादा करे, तो सावधान हो जाना चाहिए। इसके अलावा, किसी भी व्यक्ति के साथ OTP, बैंक जानकारी या निजी दस्तावेज साझा नहीं करने चाहिए।

भारत में डिजिटल और क्रिप्टो निवेश लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में साइबर सुरक्षा और निवेश जागरूकता की जरूरत पहले से ज्यादा बढ़ गई है। अगर समय रहते सख्त निगरानी और जागरूकता नहीं बढ़ाई गई, तो ऐसे मामलों में और तेजी आ सकती है।

निष्कर्ष

मई 2026 के पहले हफ्ते में 3 करोड़ रुपये से ज्यादा की क्रिप्टो ठगी यह दिखाती है कि साइबर अपराध अब बड़े स्तर पर फैल चुका है।

फर्जी निवेश प्लेटफॉर्म और डिजिटल फ्रॉड आम लोगों को तेजी से निशाना बना रहे हैं। ऐसे में सतर्कता और सही जानकारी ही सबसे बड़ा बचाव बन सकती है।

ऐसी ही और ख़बरों और क्रिप्टो विश्लेषण के लिए हमें X और LinkedIn पर फ़ॉलो करें, ताकि कोई भी अपडेट आपसे न छूटे!

Cointelegraph स्वतंत्र और पारदर्शी पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्ध है। यह समाचार लेख Cointelegraph की संपादकीय नीति के अनुरूप तैयार किया गया है और इसका उद्देश्य सटीक तथा समय पर जानकारी प्रदान करना है। पाठकों को जानकारी की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। हमारी संपादकीय नीति पढ़ें https://in.cointelegraph.com/editorial-policy