
Ethereum की Supply फिर बढ़ने लगी, 'Ultrasound Money' पर उठे सवाल
Ethereum की कुल सप्लाई Merge के बाद करीब 16 लाख ETH बढ़ चुकी है। नए ETH बनने की रफ्तार बर्न से आगे निकलने के बीच 'Ultrasound Money' की कहानी पर सवाल उठ रहे हैं।

Ethereum की सप्लाई को लेकर क्रिप्टो बाजार में एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। लंबे समय तक Ethereum को ऐसी डिजिटल संपत्ति के रूप में पेश किया गया था जिसकी सप्लाई नेटवर्क के इस्तेमाल बढ़ने पर घट सकती है। लेकिन अब तस्वीर बदलती दिखाई दे रही है। Ethereum नेटवर्क पर नए ETH बनने की रफ्तार उसके बर्न होने की तुलना में काफी ज्यादा हो गई है, जिससे कुल सप्लाई फिर बढ़ रही है।
Yahoo Finance की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, 5 अक्टूबर 2026 तक Ethereum की कुल सप्लाई करीब 12.21 करोड़ ETH पहुंच गई है। यह सितंबर 2022 में हुए Merge के समय की करीब 12.05 करोड़ ETH की सप्लाई से लगभग 16 लाख ज्यादा है। यानी Proof-of-Stake पर जाने के बाद भी Ethereum की कुल सप्लाई में कमी लगातार जारी नहीं रह सकी।
Merge के बाद बदली थी Ethereum की सप्लाई व्यवस्था
Ethereum के लिए सितंबर 2022 का Merge एक बड़ा बदलाव था। इस अपग्रेड के बाद नेटवर्क Proof-of-Work से Proof-of-Stake पर चला गया। इससे नए ETH बनने की रफ्तार काफी कम हो गई। Ethereum.org के अनुसार, Merge से पहले नेटवर्क पर करीब 13,000 ETH रोजाना नए बनते थे, जबकि Proof-of-Stake के बाद यह मात्रा लगभग 1,700 ETH रोजाना रह गई।
इसके साथ Ethereum में EIP-1559 के तहत एक बर्न व्यवस्था भी है। नेटवर्क पर लेनदेन के लिए चुकाई गई बेस फीस का एक हिस्सा नष्ट कर दिया जाता है। अगर बर्न की मात्रा नए जारी होने वाले ETH से ज्यादा हो जाती है, तो कुल सप्लाई घटने लगती है। इसी वजह से Ethereum के लिए 'Ultrasound Money' की धारणा लोकप्रिय हुई थी।
लेकिन यह व्यवस्था नेटवर्क के इस्तेमाल पर निर्भर करती है। जब Ethereum पर लेनदेन और गैस फीस ज्यादा होती है, तब अधिक ETH बर्न होता है। कम गतिविधि होने पर बर्न भी घट जाता है।
Dencun अपग्रेड के बाद क्यों बढ़ी Supply?
मौजूदा बदलाव के पीछे Ethereum के Dencun अपग्रेड को एक अहम कारण माना जा रहा है। इस अपग्रेड के बाद Layer-2 नेटवर्क पर लेनदेन की लागत काफी कम हुई। इससे उपयोगकर्ताओं को फायदा हुआ, लेकिन Ethereum के मुख्य नेटवर्क पर फीस से होने वाला ETH बर्न भी घट गया।
ताजा आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 30 दिनों में करीब 88,861 ETH जारी हुए, जबकि सिर्फ 2,218 ETH बर्न हुए। यानी इस अवधि में Ethereum की सप्लाई में लगभग 86,642 ETH की शुद्ध बढ़ोतरी हुई। यह करीब 0.07% की 30-दिन की सप्लाई वृद्धि के बराबर है।
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इसका मतलब यह नहीं है कि Ethereum में अचानक बहुत तेज महंगाई आ गई है। सालाना आधार पर सप्लाई की वृद्धि अभी भी अपेक्षाकृत कम है। लेकिन यह जरूर दिखाता है कि नेटवर्क की गतिविधि और फीस में बदलाव Ethereum की दुर्लभता की कहानी को सीधे प्रभावित कर सकते हैं।
क्या इससे ETH की कीमत पर पड़ेगा असर?
Ethereum की बढ़ती सप्लाई अपने आप में ETH की कीमत गिरने की वजह नहीं बनती। कीमत पर मांग, निवेश प्रवाह, नेटवर्क का इस्तेमाल, स्टेकिंग और बाजार की धारणा जैसे कई कारकों का असर होता है।
फिलहाल Ethereum करीब $2,700 के आसपास कारोबार कर रहा है और हाल के 30 दिनों में इसकी कीमत में बढ़त भी देखी गई है। इसका मतलब है कि सप्लाई बढ़ने के बावजूद बाजार में ETH की मांग पूरी तरह कमजोर नहीं हुई है।
दूसरी तरफ, Ethereum की बड़ी मात्रा अब भी स्टेकिंग और दूसरे उपयोगों में लगी है। सितंबर में CryptoQuant के आंकड़ों पर आधारित रिपोर्ट में एक्सचेंजों पर उपलब्ध ETH की मात्रा लंबे समय के निचले स्तरों के आसपास बताई गई थी। इसका मतलब है कि कुल सप्लाई बढ़ने के बावजूद तुरंत बिकने के लिए उपलब्ध ETH की मात्रा अलग तस्वीर दिखा सकती है।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या Ethereum नेटवर्क पर गतिविधि इतनी बढ़ेगी कि ETH बर्न फिर से नए जारी होने वाले टोकनों से आगे निकल सके। अगर ऐसा होता है तो सप्लाई दोबारा घट सकती है। लेकिन अगर नेटवर्क की फीस और बर्न लंबे समय तक कम रहे, तो Ethereum की सप्लाई धीरे-धीरे बढ़ती रह सकती है।
इसलिए 'Ultrasound Money' की कहानी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है, लेकिन अब यह Ethereum के इस्तेमाल पर पहले से कहीं ज्यादा निर्भर है। निवेशकों के लिए आने वाले समय में सिर्फ ETH की कीमत नहीं, बल्कि नए ETH जारी होने, बर्न होने और नेटवर्क की वास्तविक गतिविधि पर नजर रखना भी अहम होगा।
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