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Rajeev Ranjan Roy
लेखक: Rajeev Ranjan Royस्टाफ लेखक
Pratik Bhuyan
Pratik Bhuyan द्वारा समीक्षितस्टाफ संपादक

दुबई, मालदीव में रियल एस्टेट डिजिटलीकरण तेज, छोटे निवेशकों को अवसर

दुबई और मालदीव में अचल संपत्ति का डिजिटलीकरण तेज। टोकनाइजेशन मॉडल से छोटे निवेशकों को वैश्विक रियल एस्टेट में हिस्सेदारी का अवसर मिलेगा।

दुबई, मालदीव में रियल एस्टेट डिजिटलीकरण तेज, छोटे निवेशकों को अवसर
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दुबई और मालदीव में अचल संपत्ति क्षेत्र में बड़ा तकनीकी परिवर्तन देखने को मिल रहा है। दोनों स्थानों पर संपत्तियों को डिजिटली रूप में बदलकर निवेशकों के लिए छोटे-छोटे हिस्सों में उपलब्ध कराने की पहल तेज हो गई है, जिससे वैश्विक निवेश का नया दौर शुरू होने की संभावना है।

दुबई भूमि विभाग की पहल

दुबई भूमि विभाग (Dubai Land Department) ने अपने रियल एस्टेट डिजिटलीकरण पायलट कार्यक्रम के दूसरे चरण की घोषणा की है। पहले चरण में लगभग 5 मिलियन अमेरिकी डॉलर मूल्य की संपत्तियों को डिजिटल स्वरूप में बदला गया और करीब 7.8 मिलियन डिजिटल इकाइयों का पुनर्विक्रय संभव हुआ।

नई प्रणाली के तहत निवेशक संपत्तियों के छोटे हिस्से खरीद और बेच सकेंगे। इससे:

  • निवेश अधिक सुलभ होगा

  • तरलता बढ़ेगी

  • पारदर्शिता में सुधार होगा

सभी लेन-देन डिजिटल लेजर में दर्ज किए जाएंगे, जिससे रिकॉर्ड सुरक्षित और सत्यापित रहेंगे। प्रशासन का अनुमान है कि यह मॉडल 2033 तक लगभग 16 अरब डॉलर का योगदान दे सकता है।

डिजिटल इकाइयों के माध्यम से स्वामित्व

इस परियोजना में तकनीकी सहयोग देने वाली संस्था डिजिटल परिसंपत्ति प्रबंधन इकाइयां जारी करेगी, जिससे निवेशकों के बीच इन हिस्सों का सुरक्षित हस्तांतरण संभव होगा। सभी लेन-देन डिजिटल बही में दर्ज किए जाएंगे, जिससे पारदर्शिता और सुरक्षा बढ़ेगी। दुबई प्रशासन का अनुमान है कि यह पहल वर्ष 2033 तक लगभग 16 अरब अमेरिकी डॉलर का योगदान दे सकती है, जो कुल संपत्ति कारोबार का लगभग 7 प्रतिशत होगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि दुबई की निवेश-अनुकूल नीतियां और डिजिटल तकनीक को लेकर सकारात्मक दृष्टिकोण ने इसे वैश्विक स्तर पर अग्रणी बना दिया है। इस प्रणाली से निवेशकों को महंगी संपत्तियों में भी कम राशि से निवेश करने का अवसर मिलेगा और संपत्ति बाजार में पारदर्शिता बढ़ेगी।

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मालदीव की पर्यटन आधारित परियोजना

दूसरी ओर, मालदीव में भी इसी तरह की एक महत्वाकांक्षी परियोजना सामने आई है। यहां प्रस्तावित एक अंतरराष्ट्रीय होटल और पर्यटन परियोजना से जुड़े विकास ऋण को डिजिटल इकाइयों में बदलने की योजना बनाई गई है। निवेशक इन इकाइयों को खरीदकर परियोजना से होने वाली आय में हिस्सा प्राप्त कर सकेंगे।

यह परियोजना लगभग 100 समुद्र तटीय और जल-आधारित आवासों के साथ एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित की जा रही है और वर्ष 2030 तक इसके पूरा होने की संभावना है। इसे दुनिया की पहली ऐसी होटल परियोजनाओं में से एक माना जा रहा है, जिसमें संपत्ति निवेश का डिजिटलीकरण व्यापक स्तर पर लागू किया जा रहा है।

संभावित चुनौतियां

विशेषज्ञों ने कुछ जोखिमों की ओर भी संकेत किया है:

  • नियामकीय स्पष्टता की कमी

  • निवेशक संरक्षण ढांचे की आवश्यकता

  • तकनीकी सुरक्षा जोखिम

  • द्वितीयक बाजार में सीमित तरलता

हालांकि समर्थकों का तर्क है कि दीर्घकाल में यह मॉडल रियल एस्टेट निवेश संरचना को बदल सकता है।

निष्कर्ष

दुबई और मालदीव में अचल संपत्ति के डिजिटलीकरण की पहल से वैश्विक निवेश व्यवस्था में बड़ा बदलाव आने की संभावना है। यदि यह प्रयोग सफल होता है तो आम निवेशकों के लिए अंतरराष्ट्रीय संपत्तियों में निवेश आसान होगा और संपत्ति बाजार अधिक पारदर्शी, सुलभ और आधुनिक बन सकेगा।

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