भारत के प्रमुख क्रिप्टो एक्सचेंज CoinDCX के सह-संस्थापक Sumit Gupta और Neeraj Khandelwal से हाल ही में पुलिस ने एक कथित क्रिप्टो निवेश धोखाधड़ी मामले में पूछताछ की है। यह मामला एक शिकायत के बाद दर्ज किया गया, जिसमें एक निवेशक ने दावा किया कि वह ऑनलाइन क्रिप्टो निवेश के नाम पर लाखों रुपये की ठगी का शिकार हुआ है।
पुलिस के अनुसार, शिकायत में लगभग 71 लाख रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसने एक ऐसी वेबसाइट के जरिए निवेश किया जो देखने में CoinDCX की आधिकारिक वेबसाइट जैसी लग रही थी। बाद में पता चला कि यह एक फर्जी वेबसाइट थी, जिसके माध्यम से पैसे किसी तीसरे पक्ष के खातों में ट्रांसफर कराए गए।
जांच एजेंसियों ने इसी मामले में कंपनी के दोनों सह-संस्थापकों को पूछताछ के लिए बुलाया। कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि उन्हें पूछताछ के दौरान हिरासत में भी लिया गया था, हालांकि कंपनी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि यह पूरा मामला गलतफहमी और ऑनलाइन प्रतिरूपण से जुड़ा है।
कंपनी ने आरोपों से किया इनकार
CoinDCX ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि उसके सह-संस्थापकों के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर “झूठे आरोपों” पर आधारित है। कंपनी का कहना है कि कुछ साइबर अपराधी CoinDCX और उसके संस्थापकों की पहचान का गलत इस्तेमाल करके लोगों को ठग रहे हैं।
कंपनी के मुताबिक, पिछले कुछ समय में 1,200 से ज्यादा फर्जी वेबसाइटें सामने आई हैं जो CoinDCX के नाम और ब्रांड की नकल करके निवेशकों को भ्रमित करती हैं। इन वेबसाइटों के जरिए लोगों को नकली निवेश योजनाओं में पैसा लगाने के लिए कहा जाता था।
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CoinDCX ने यह भी कहा कि जिन खातों में पैसे ट्रांसफर कराए गए उनका कंपनी से कोई संबंध नहीं है। कंपनी का दावा है कि वह इस मामले में जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रही है और दोषियों की पहचान करने में मदद कर रही है।
साइबर धोखाधड़ी का बढ़ता खतरा
विशेषज्ञों का कहना है कि हाल के वर्षों में क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े ऑनलाइन निवेश घोटालों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। फर्जी वेबसाइटें बनाकर या सोशल मीडिया के जरिए लोगों को निवेश के लिए उकसाना इस तरह के अपराधों का सामान्य तरीका बन गया है।
रिपोर्टों के अनुसार, कई मामलों में अपराधी लोकप्रिय कंपनियों और उनके संस्थापकों की पहचान का इस्तेमाल करते हैं ताकि लोगों को भरोसा दिलाया जा सके। ऐसे मामलों में निवेशकों को असली और नकली प्लेटफॉर्म के बीच फर्क करना मुश्किल हो जाता है।
भारत के क्रिप्टो बाजार पर असर
CoinDCX भारत के बड़े क्रिप्टो एक्सचेंजों में से एक माना जाता है और इसे अमेरिकी क्रिप्टो कंपनी Coinbase से भी निवेश मिला हुआ है। इस वजह से यह मामला देश के क्रिप्टो उद्योग में चर्चा का विषय बन गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं निवेशकों के भरोसे को प्रभावित कर सकती हैं, भले ही जांच में कंपनी की सीधी भूमिका सामने न आए। वहीं दूसरी ओर, यह मामला ऑनलाइन निवेश प्लेटफॉर्म की सुरक्षा और जागरूकता की जरूरत को भी उजागर करता है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि फर्जी वेबसाइटों के पीछे कौन लोग शामिल हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इस धोखाधड़ी के लिए वास्तविक रूप से कौन जिम्मेदार है।
इस बीच CoinDCX ने निवेशकों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइट और सत्यापित प्लेटफॉर्म के माध्यम से ही निवेश करें, ताकि इस तरह के साइबर घोटालों से बचा जा सके।
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