
XRP में फिर तेज गिरावट, $18M ETF निवेश भी नहीं रोक पाया बिकवाली का दबाव
XRP की कीमत $1.60 से फिसलकर करीब $1.50 पहुंच गई, जबकि Spot XRP ETF में $18.04 मिलियन का निवेश आया। जानिए ETF मांग के बावजूद XRP पर बिकवाली क्यों हावी हुई।

XRP की कीमत में तेज गिरावट ने हाल की तेजी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कुछ ही समय पहले $1.60 के स्तर को पार करने वाला XRP 24 सितंबर को करीब $1.50 तक फिसल गया। पिछले 24 घंटे में टोकन की कीमत में करीब 8% की गिरावट दर्ज की गई। खास बात यह है कि इसी दौरान अमेरिका के Spot XRP ETF में $18.04 मिलियन का शुद्ध निवेश आया। इसके बावजूद ETF से मिलने वाली मांग व्यापक बाजार में जारी बिकवाली को रोक नहीं सकी।
XRP की कीमत इस दौरान $1.60 के ऊपरी स्तर से गिरकर करीब $1.46 तक पहुंच गई। इससे इसका बाजार मूल्य भी घटकर करीब $92 बिलियन रह गया। XRP अभी भी बाजार मूल्य के हिसाब से पांचवीं सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बनी हुई है।
$1.60 का स्तर बना मजबूत रुकावट
XRP के लिए $1.60 का स्तर पिछले कुछ दिनों में बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है। टोकन ने इस स्तर को पार करने की कोशिश की और कुछ समय के लिए करीब $1.66 तक भी पहुंचा, लेकिन खरीदार इस तेजी को कायम नहीं रख सके। इसके बाद मुनाफावसूली शुरू हुई और कीमत तेजी से नीचे आई।
बाजार आंकड़ों के मुताबिक, XRP ने 23 सितंबर की शाम $1.60 के आसपास कारोबार किया था। इसके बाद पहली बड़ी गिरावट में कीमत करीब $1.58 से $1.52 तक आ गई। अगले कुछ घंटों में यह $1.49 से $1.52 के बीच रही, लेकिन 24 सितंबर को दोपहर के बाद फिर बिकवाली बढ़ गई और कीमत $1.48 के नीचे चली गई। इसके बाद XRP करीब $1.46 तक पहुंच गया।
विश्लेषकों के अनुसार, $1.60 के आसपास बड़ी संख्या में XRP पहले खरीदे गए थे। ऐसे में इस स्तर पर पहुंचने के बाद कुछ निवेशकों ने मुनाफा निकालना शुरू किया, जिससे बिकवाली का दबाव बढ़ा।
ETF में पैसा आया, फिर भी क्यों गिरा XRP?
इस गिरावट का सबसे दिलचस्प पहलू Spot XRP ETF का प्रदर्शन है। 23 सितंबर के कारोबारी सत्र में अमेरिकी Spot XRP ETF में कुल $18.04 मिलियन का शुद्ध निवेश आया। इसमें Bitwise के ETF को $11.54 मिलियन और Franklin Templeton के ETF को $6.50 मिलियन का निवेश मिला। लॉन्च के बाद इन ETF में कुल शुद्ध निवेश करीब $1.75 बिलियन तक पहुंच गया था।
इसके बावजूद XRP की कीमत में गिरावट आई। इसकी एक वजह यह है कि ETF में आने वाला पैसा पूरे XRP बाजार के मुकाबले अभी भी छोटा है। 24 घंटे में XRP का स्पॉट ट्रेडिंग वॉल्यूम करीब $4.6 बिलियन था। ऐसे में $18.04 मिलियन का ETF निवेश व्यापक बाजार में होने वाली बिकवाली को पूरी तरह संतुलित करने के लिए पर्याप्त नहीं रहा।
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इससे यह भी पता चलता है कि संस्थागत निवेश की मौजूदगी बढ़ने के बावजूद XRP की कीमत पर खुले बाजार में होने वाली खरीद और बिक्री का प्रभाव अभी काफी बड़ा है।
Binance पर बढ़े XRP जमा, लेकिन संकेत पूरी तरह साफ नहीं
बाजार में XRP की आपूर्ति से जुड़े कुछ ऑनचेन संकेत भी चर्चा में हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, Binance पर XRP के भंडार में बढ़ोतरी देखी गई है। एक्सचेंज पर टोकन जमा होने का मतलब यह हो सकता है कि कुछ निवेशक उन्हें ट्रेड या बिक्री के लिए भेज रहे हैं। हालांकि, केवल एक्सचेंज पर जमा होने से यह साबित नहीं होता कि टोकन तुरंत बेचे जा रहे हैं। इनका इस्तेमाल ट्रेडिंग, बाजार में तरलता उपलब्ध कराने या दूसरी गतिविधियों के लिए भी हो सकता है।
दूसरी ओर, Santiment के आंकड़ों में XRP का 365-दिन का MVRV अनुपात 23 सितंबर को -11.75% था। यह संकेत देता है कि पिछले एक साल की अवधि में सक्रिय औसत धारक अपनी होल्डिंग पर अभी भी कागजी नुकसान में था। ऐसी स्थिति में तेज तेजी आने पर कुछ निवेशक नुकसान कम करने या अपनी स्थिति बदलने के लिए बिक्री कर सकते हैं।
अब $1.45 और $1.40 पर नजर
XRP की हालिया चाल में $1.45 और $1.40 के स्तर महत्वपूर्ण बने हुए हैं। अगर कीमत इन स्तरों के आसपास टिकती है तो बाजार में स्थिरता लौटने की कोशिश हो सकती है। दूसरी ओर, $1.60 के ऊपर मजबूती से टिकना XRP के लिए एक अहम संकेत होगा, क्योंकि हाल के दिनों में इसी क्षेत्र से दो बार बिकवाली देखने को मिली है।
फिलहाल XRP के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि ETF से लगातार पैसा आने के बावजूद व्यापक स्पॉट बाजार की बिकवाली को कैसे रोका जाए। आने वाले दिनों में ETF प्रवाह, एक्सचेंज पर XRP की गतिविधि और $1.60 के आसपास खरीदारों की ताकत यह तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है कि हालिया तेजी सिर्फ एक छोटी उछाल थी या बाजार फिर से मजबूत रुख बना सकता है।
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